गुर्जर शिक्षा ज्योति

गुर्जर कर्मचारी अधिकारी कल्याण परिषद राजस्थान द्वारा संचालित

5 ए,राजेश पायलट भवन,  दैनिक भास्कर कार्यालय के पास, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, जयपुर

रजि. न.-537/2010-11, Email-gurjakakp@gmail.com

   

ऐतिहासिक वीर कौम – ‘गुर्जर समाज’ देश की आन-बान एवं शान की मिशाल रही है और देश की आजादी में इस कौम का बहुत बड़ा हाथ रहा था, किन्तु आजादी के बाद गुर्जर जाति में शिक्षा का अनुकरण नहीं हुआ, जिसके कारण यह कौम दिन प्रतिदिन पिछड़ कर राष्ट्रीय धारा से अलग-थलग पड गयी| गुर्जर समाज की स्थिति का सन 2007 में चोपड़ा आयोग ने सर्वे किया था और उस रिपोर्ट के निष्कर्ष में लिखा गया है की “प्रदेश में विकास के छ: दशक से अधिक समय के उपरान्त भी गुर्जर समुदाय की बस्तियों में आज तक विकास की एक भी किरण नहीं दिखाई देती हैं और राजस्थान की गुर्जर समुदाय की बस्तियों में आज भी गरीबी (निरिहीता), दरिद्रता (हताशा) और दीनता के टापू बनी हुई है| इस समुदाय की यह उपेक्षा निश्चित रूप से अस्वीकार्य है और इसके तुरंत समाधान की आवश्यकता है | (चौपडा कमेटी रिपोर्ट 2007 प्रष्ठ संख्या 182)

      उक्त रिपोर्ट के आधार पर अब तक की सरकारों ने हमारी जाति के उत्थान के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाये है किन्तु उन कार्यक्रमों के अभी तक अपेक्षित परिणाम हमें नहीं मिले है यह सर्वविदित है की किसी भी समाज की गरीबी एवं दरिद्रता को दूर करने की शिक्षा ही एक अचूक दवा है जिसके माध्यम से समाज के बच्चे पढ़कर स्वयं का तो उत्थान करते ही है, साथ ही वे समाज के तारण हारण भी बनते है, जो हमारे सामानांतर अन्य कृषिरत समाजो के उदाहरण से स्पष्ट है, जाट समाज में श्री केशवानंद एवं सर छोटूराम, माली समाज में ज्योतिबा फूले एवं मीना समाज में केप्टिन छुट्टनलाल जैसे अग्रदूतो ने समय रहते हुए शिक्षा की बिगुल बजाई तो ये समाज हमसे बहुत आगे निकल गये है|

      हमें भी बिना देरी किये समाज के होनहार बालक-बालिकाओ को शिक्षा एवं नौकरी हेतु प्रोत्साहित कराना होगा, जिसके लिए प्रदेश के नौकरी पेशा वाले समूह (ये ग्रुप किसी भी समाज का चक्षु होता है) ने गुजर कर्मचारी अधिकारी कलायण परिषद् राजस्थान का गठन कर अपने स्वयं के हितो की रक्षा को ध्यान में रखते हुए समाज के बालक बालिकाओ की पढाई की व्यवस्था हेतु गुजर शिक्षा ज्योति नाम के कोष का गठन किया है, जिससे समाज में शिक्षा की लहर फैलाने का एक सटीक प्रयास किया जायगा | इसके लिए परिषद् ने एक वर्षीय, पांच वर्षीय एवं दस वर्षीय कार्य योजना बनाकर कार्य शुरू कर दिया है, जिसके लिए वित्तीय प्रावधान एवं प्रबंधन निम्न प्रकार से किया जायेगा:-

वित्तीय प्रावधान
परिषद् के वित्तीय कोष के लिए निम्न प्रावधान किये गए :-
सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में नियुक्त समस्त गुर्जर कर्मचारी अधिकारी गणों ने यह निर्णय लिया है कि वे अपने वेतन से प्रतिदिन एक रुपया अनुदान अनिवार्य रूप से देंगे |
समाज के मेलों, उत्सवों एवं श्री देवनारायण मंदिरों में एक प्रभावशाली दानपात्र रखवाया जायेगा जिसमे शिक्षा के नाम पर लोग दान कर सकेंगे, जो गुर्जर शिक्षा ज्योति कोष में जमा होंगे, जिनकी व्यवस्था सम्बंधित जिला अध्यक्ष व् ब्लाक अध्यक्ष करेंगे |
परिषद समाज के शादी समारोहो को भी शिक्षा समारोहो में बदलने का प्रयास करें | पैरावणी, भात एवं पेज जैसे आयोजनों के समय कम से कम रू 501/- से रू 1100/- तक की राशि गुर्जर शिक्षा ज्योति के लिए अनिवार्य रूप से एकत्रित कर सेक्टर शिक्षा दूत के द्वारा संस्था के कोष में डलवायें और कर्मचारी अधिकारीगण व् समाज के भामाशाहों द्वारा उनके जन्मदिन व् शादी वर्षगांठ जैसे आयोजनों पर भी उक्त कोष में राशि डालने की प्रवृति विकसित करें |
वित्तीय प्रबंधन :-
परिषद् के अनुदान को बढ़ाने व व्यवस्थित रखने के लिए निचले स्तर पर सेक्टर शिक्षा व प्रदेश स्तर पर नियमित कर्मचारी रखने का निर्णय लिया गया, जिससे परिषद् के कार्यो को गति दी जा सकेगी | सेक्टर शिक्षा दूत परिषद् के अंतिम छोर पर कार्य करने वाला परिषद् का कार्यकर्ता होगा, जिसे ग्राम पंचायत वार तीस कर्मचारियो की लिस्ट प्रदान की जायेगी, जिनकी वह निरंतर मीटिंग कर उन्हें वह अनुदान राशि कलेक्शन के लिए प्रोत्साहित करेगा व सेक्टर की प्रतिभाओ की निगरानी रखते हुए उनकी सूचना परिषद् को निरंतर उपलब्ध करायेगा |
परिषद् की राशि को सुरक्षित रखने के लिए राज्य स्तर पर दो खाते खोले गये है |
“गुजर कर्मचारी अधिकारी कल्याण परिषद राजस्थान” जिसमे सदस्यता शुल्क एवं सामान्य अनुदान राशि सुरक्षित रखी जायेगी|
दूसरा खाता “गुजर शिक्षा ज्योति” के नाम से खोला गया है| उक्त दोनों खातो का संचालन परिषद् अध्यक्ष, महासचिव एवं कोषाध्यक्ष करेगे और राशि आहरण करने के लिए उक्त तीनो में से किन्ही दो सदस्यों के हस्ताक्षर अवश्यक होगे |
परिषद् जिला एवं ब्लाक स्तर पर भी अपना बैंक खाता खुलवा सकेगी, जिस का नामांकरण सम्बंधित जिला एवं ब्लाक लगाकर,” गुर्जर कर्मचारी अधिकारी कल्याण परिषद् राजस्थान .................”(सम्बंधित जिला एवं ब्लाक का नाम) किया जा सकेगा और सम्बंधित जिला एवं ब्लाक खातो के संचालन के लिए सम्बंधित जिलो के जिला / ब्लाक अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष तीनो में से दो अधिकृत होगे|
परिषद के दैनिक कार्यो के संचालन के लिए केवल अपेक्स खातो का प्रयुक्तिकरण किया जा सकेगा,जिससे आय का स्त्रोत राज्य परिषद् के साथ सम्बंधित जिला अध्यक्ष एवं सचिवगण व परिषद् के उत्साही सदस्यों से सदस्यता शुल्क एवं सामान्य अनुदान प्राप्त कर सकेगे|
परिषद् का “गुर्जर शिक्षा ज्योति” नाम का खाता राज्य स्तरीय एक ही होगा’ जिससे विद्यार्थियों के फेलोशिप राशि का ही खर्च किया जायेगा अन्य खर्च प्रदेशाध्यक्ष, जिला अध्यक्ष एवं ब्लाक अध्यक्ष अपने स्तर पर उत्साही परिषद् कार्यकर्ताओ के माध्यम से जुटायेगे| सम्बंधित परिषद के संचालकगण भामाशाह प्रवति के लोग जोड़े, जो वर्ष में कम से कम रु 1000/- परिषद् को अनुदान दे सकेगे |
गुर्जर शिक्षा ज्योति खाते में मासिक रूप से राशि डलवाने का कार्य सेक्टर शिक्षा दूत करेगे, जिनका निरीक्षण एवं नियंत्रण सम्बंधित जिला एवं ब्लाक अध्यक्षो के माध्यम से होगा| शिक्षा कोष राशि का आवंटन मेधावी छात्रों को वर्ष में मई एवं जून में किया जायगा | आवंटन समिति में प्रदेश कार्यकारिणी व जिला अध्यक्ष सम्मिलित होगे,जिनकी सहमति एवं स्वीकृति से उक्त राशि जारी होगी |
प्रत्येक जिला एवं ब्लाक स्तर पर प्रति वर्ष दिसम्बर से पूर्व मेधावी छात्र सम्मान समारोह एवं मोटिवेशनल कार्यकर्मो सम्बन्धित निकायों द्वारा किया जाना अनिवार्य होगा, जिससे क्षेत्रवार प्रतिभाये उभरकर आयेगी और परस्पर आपस में लोगो का मेल मिलाप होगा, जिससे सामाजिक सोहार्द बढेगा | इन कार्यक्रमो के लिए धन स्थानीय भामाशाह द्वारा जुटाया जा सकेगा | स्थानीय स्तर पर उभरी प्रतिभाओ को राज्य स्तर पर भेजा जा सकेगा |
वंचित वर्ग (MBC) विधार्थीगण स्नातक स्तर एवं स्नातकोतर कर चुके है, उनकी ब्लाक,जिला एवं राज्य स्तरीय कोंसिल कराकर राष्ट्रीय धारा में समायोजन हेतु उन्हें विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों हेतु प्रोत्षाहित किया जायेगा, जिसके लिए प्रो.पी.एस.वर्मा एवं डॉ.के.एल.सराधना सयोजन करेगे |
गुर्जर कर्मचारी एवं अधिकारी कल्याण परिषद् राजस्थान की समस्त गतिविधियों एवं आर्थिक आय व्यय का ब्यौरा परिषद् की साईट पर पारदर्शिता हेतु नियमित रूप से अपलोड किया जायेगा |
योजना की प्रभावी क्रियान्वती के लिए सेक्टर शिक्षा दूत एवं ब्लाक अध्यक्ष अपने क्षेत्र से प्राप्त होने वाली अनुदान राशि की रशीद (परिषद् द्वारा निर्धारित प्रफोर्मो में) काटकर उसके साथ अनुदानदाता की फोटो सहित परिषद् के प्रदेश कार्यालय व जिला अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से watsapp पर भेजेगे, जिससे सम्बंधित अनुदानदाता की प्रदेश कार्यालय से कम्पयूट्रीकृत आई.डी.एवं पावती रशीद जनरेट होकर सम्बंधित अनुदानदाता के फ़ोन पर पहुच जायेगी|
बैंक विवरण
NAMEGURJAR SHIKSHA JYOTI
BANK STATE BANK OF INDIA
A/C 37678382949
IFSC SBIN0016263
TYPE SAVING
BRANCH CHITRAKOOT, JAIPUR